दाम बढ़ाकर जनता पर डाला बोझ
देहरादून। राज्य में कुछ दिन पहले ही बिजली के दाम 15 से 27 पैसे प्रति यूनिट बढ़े है। इसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ा है। बिजली के दाम बढ़ाने का बड़ा कारण विभाग भी बिजली चोरी मानता है लेकिन जब विभाग के अधिकारी, कर्मचारी ही बिजली चोरी करते हैं तो मामला जांच तक ही सीमित रह जाता है।
बता दें कि रुड़की के लक्सर सब स्टेशन में हाईटेक डिवाइस से बिजली चोरी करवाने का मामला खुद ऊर्जा सचिव राधिका झा ने पकड़ा था और पिटकुल को मामले पर तुरंत कार्रवाई के भी निर्देश दिए थे। पिटकुल यानि पावर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड ने जांच कर 21 जनवरी को 13 अधिकारीयों को चार्टशीट थमाई। दोषियों को एक माह में जवाब देने को कहा लेकिन डेढ़ माह बाद बीत जाने पर आज भी मामला ठन्डे बस्ते में ही है।
दरअसल इस मामले में पिटकुल का रुख अब तक साफ नहीं है। पिटकुल के प्रबन्ध निदेशक संदीप सिंघल कहते हैं कि जांच के बाद 13 अधिकारीयों को चार्टशीट दी गई थी और उन सभी के जवाब आ गए हैं। अब एक कमेटी इन जवाबों की जांच कर रही है. वह कहते हैं कि जल्द ही दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी लेकिन ये कमेटी कब तक जांच कर लेगी यह वह नहीं बताते।
बिजली विभाग पर नजर रखने वाले एक्टिविस्ट मनोज ध्यानी राज्य में बिजली दाम बढ़ने का बड़ा कारण महकमे में हो रहे घपले-घोटालों को बताते हैं। ध्यानी कहते हैं कि राज्य में बिजली चोरी होती है यह बात सभी जानते हैं और यह करवाने वाले भी विभाग के ही लोग हैं। वह कहते हैं कि ऊर्जा से जुड़े विभागों का यही रवैया सरकार के जीरो टॉलरेंस, सुशासन और पारदर्शिता के दावों पर सवाल खड़े करता है।

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