देहरादून/गढ़वाल डेस्क चार धाम यात्रा शुरु होने में अब 15 दिन भी नहीं बचे हैं। लेकिन चारधाम यात्रा मार्ग में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। चमोली की जिलाधिकारी ने बदरीनाथ यात्रा मार्ग का दौरा किया तो हालत देखकर चकरा गईं। यात्रा मार्ग न पीने के पानी की व्यवस्था थी, न शौचालय की और न ही प्रतीक्षालय में बैठने की स्थिति थी। यात्रा मार्ग पर सड़कों की हालत इतनी ख़राब है कि गाड़ी तो छोड़िए पैदल चलना तक संभव नहीं दिख रहा था। जिलाधिकारी ने जल्द से जल्द सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।  चार धाम यात्रा शुरु होने में अब 15 दिन भी नहीं बचे हैं लेकिन चारधाम यात्रा मार्ग में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। चमोली की जिलाधिकारी ने बदरीनाथ यात्रा मार्ग का दौरा किया तो हालत देखकर चकरा गईं। यात्रा मार्ग न पीने के पानी की व्यवस्था थी, न शौचालय की और न ही प्रतीक्षालय में बैठने की स्थिति थी. यात्रा मार्ग पर सड़कों की हालत इतनी खराब है कि गाड़ी तो छोड़िए पैदल चलना तक संभव नहीं दिख रहा था। जिलाधिकारी ने जल्द से जल्द सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। चार धाम यात्रा शुरु होने में अब 15 दिन भी नहीं बचे हैं, लेकिन चारधाम यात्रा मार्ग में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। चमोली की जिलाधिकारी ने बदरीनाथ यात्रा मार्ग का दौरा किया तो हालत देखकर चकरा गईं. यात्रा मार्ग न पीने के पानी की व्यवस्था थी, न शौचालय की और न ही प्रतीक्षालय में बैठने की स्थिति थी। यात्रा मार्ग पर सड़कों की हालत इतनी खराब है कि गाड़ी तो छोड़िए पैदल चलना तक संभव नहीं दिख रहा था. जिलाधिकारी ने जल्द से जल्द सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।चार धाम यात्रा उत्तराखंड का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन होता है. देश-दुनिया से लोग बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हर साल यह संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन यात्रियों के लिए सुविधाएं नहीं के बराबर हैं। जिलाधिकारी ने देखा कि यात्रा मार्ग पर लगे प्याऊ न सिर्फ सूखे हुए थे बल्कि उनकी टोटियां तक टूटी हुई थीं.  चार धाम यात्रा उत्तराखंड का सबसे बड़ा वार्षिक आयोजन होता है। देश-दुनिया से लोग बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री दर्शन के लिए पहुंचते हैं. हर साल यह संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन यात्रियों के लिए सुविधाएं नहीं के बराबर हैं। जिलाधिकारी ने देखा कि यात्रा मार्ग पर लगे प्याऊ न सिर्फ सूखे हुए थे बल्कि उनकी टोटियां तक टूटी हुई थीं।
यात्रा मार्ग में बने प्रतीक्षालय की हालत जैसी थी उसमें कोई यात्री तो नहीं रुक सकता था। वहां बकरियां और मुर्गियां पाली जा रही थीं. जिलाधिकारी के आदेश पर प्रतीक्षालय को खाली करवाया गया।  यात्रा मार्ग में बने प्रतीक्षालय की हालत जैसी थी उसमें कोई यात्री तो नहीं रुक सकता था। वहां बकरियां और मुर्गियां पाली जा रही थीं. जिलाधिकारी के आदेश पर प्रतीक्षालय को खाली करवाया गया।  बद्रीनाथ धाम में अंडरग्राउडं बिजली लाइन विछाने का काम कर रही प्राइवेट कंपनी ने टैक्सी स्टैंड को जोड़ने वाली सड़क को बिना किसी अनुमति के खोद डाला है। हालांकि जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने दावा किया कि यात्रा शुरू होने से पहले सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह जल्द ही दोबारा दौरा करेंगी और तब उन्हें व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलनी चाहिएं।

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