राजेन्द्र सिह चौहान मोरी

उत्तरकाशी के मोरी तहसील की सिगतुर पट्टी में सूर्य वंशी दानवीर कर्ण का देवराज में दिव्य मन्दिर है यहा पर हर वर्ष असाढ में 15 गाँव के ग्रामीण इस मेले को अपनी सभी फसलों की बुआई व रूपाई के बाद क्षेत्र की खुशहाली के लिए इस मेले को मनाया जाता है ।
चैन सिह रावत का कहना है कि मोरी तहसील के देवरा में दानवीर कर्ण महाराज का एक मात्र मन्दिर है जहाँ इस की पूजा-अर्चना की जाती है ।पुजारियों द्वारा पुजा अर्चना करके सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया जाता है।
क्षेत्र से पुरूष व महिलाएं अपने अपने गाँव वालों के साथ ढोल दमाऊ व रमसिगे के आते है पहले कर्ण महाराज की ढोल दमाऊ से आराधना की जाती है फिर दर्शन कर पुण्य का लाभ प्राप्त करते है । उसके बाद पुरूष ढोल दमाऊ व रमसिगे के साथ रासो तादी नृत्य करते हैं ।
कर्ण महाराज , शल्य महाराज व पोखु देवता का कफवाया दृश्य देखने के लिए लोग दूर दूर से आते हैं ।
राजमोहन का कहना है कि इस समय सूर्य उततरायण दिशा को परायण करता है। इस अवसर पर कर्ण महाराज सूर्य देव को प्रसन करने के लिए इस मेले का आयोजन करते हैं ।मेले में स्थानीय पकवान बनाकर मेहमानों को परोसे जाते हैं । इस अवसर पर मनमोहन पुजारी,किताब सिंह पुजारी, गजेनदर नौटियाल पुजारी,के अलावा भगवती प्रसाद,अनिल रागड,मूर्ति सिह,भरत रावत,दयाराम,फते सिह ,सूरत सिह,जगत सिंह,जनक सिह रावत,सोवेनदर सिह,कौर सिह राणा , राजमोहन तथा चैन सिह रावत हरकीदून प्रोटेक्शन एण्ड माऊनटेरिग आदि उपस्थित थे ।

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