मकर संक्रांति में गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी

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देहरादून। उत्तराखंड में मकर संक्रांति का पर्व की धूम है। गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई और दान किया। हरिद्वार, ऋषिकेश और देवप्रयाग में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। उत्तरकाशी में भागीरथी के घाटों पर श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
हरिद्वार में तड़के तापमान चार डिग्री सेल्सियस से भी कम था, लेकिन हरकी पैड़ी हर-हर गंगे के घोष से गुंजायमान हो गई। श्रद्धालुओं ने हर की पैड़ी पर भगवान सूर्य नारायण को अघ्र्य देकर सुख समृद्धि की कामना की। हरकी पैड़ी के साथ ही अन्य घाटों पर भी श्रद्धालुओं का सैलाब दिखा। कुशावर्त घाट पर यज्ञोपवीत संस्कार कराए गए। स्‍नान के साथ ही पितरों के निमित्त कर्मकांड और दान भी किया गया। स्नान पर्व को देखते हुए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूड़ी ने बताया कि स्नान पर्व को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट और देवप्रयाग में अलकनंदा व भागीरथी के संगम पर भी हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई।
मकर सक्रांति पर मंगलवार को तीर्थ नगरी के गंगा घाटों पर स्नान हेतु श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। लोगों ने गंगा में डुबकी लगाकर दान पुण्य किया। मंगलवार को मकर संक्रांति पर्व पर तीर्थ नगरी के त्रिवेणी घाट सहित मुनिकीरेती व लक्ष्मण झूला स्वर्गाश्रम के गंगा घाटों पर सुबह से ही गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पुण्यलाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए त्रिवेणी घाट पर गंगा समिति की ओर से अलाव व चाय की व्यवस्था की गई थी। गंगा समिति सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं ने त्रिवेणी घाट आसपास क्षेत्र में खिचड़ी प्रसाद का वितरण भी किया। गंगा स्नान को देखते हुए घाटों पर जल पुलिस भी तैनात की गई थी। दिन तक स्नानार्थियों की संख्या में और इजाफा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर उत्तरकाशी में गंगा स्नान के लिए देव डोलियों के साथ श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कड़ाके की ठंड पर आस्था भारी पड़ी और हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा भागीरथी में डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। देव डोलियों की मौजूदगी, ढोल-नगाड़ों की आवाज और मां गंगा के जयकारों से नगर का माहौल भक्तिमय रहा। उत्तरकाशी के पौराणिक मणिकर्णिका, जड़भरत, केदार, लक्षेश्वर आदि स्नान घाटों पर मंगलवार तड़के ढाई बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। स्नान पर्व पर कैलापीर, नाग देवता, बाल कंडार, धनारी क्षेत्र से नागराजा, चंदणनाग, नागणी देवी, रनाड़ी के कचड़ू देवता, डुंडा की रिंगाली देवी, गाजणा क्षेत्र से भैरव, चैरंगी नाथ, नागराजा, बरसाली के नागराजा, रेणुका देवी, चिन्यालीसौड़ की राजराजेश्वरी, टिहरी से सुरकंडा देवी आदि दर्जनों देवी-देवताओं की डोलियां, ढोल, निशान आदि के साथ हजारों श्रद्धालु उत्तरकाशी पहुंचे।

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