वरिष्ठ पत्रकार डॉ0 कैलास पपनै की देह पंचतत्व मे विलीन

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वरिष्ठ पत्रकार डॉ0 कैलास पपनै की देह पंचतत्व मे विलीन
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सी एम पपनै

नई दिल्ली 15 जनवरी। देश के राष्ट्रीय हिंदी अखबार ‘हिंदुस्तान’ के ब्यूरो चीफ रहे डॉ0 कैलास पपनै का कल 70 वर्ष की उम्र में सायं 7 बजे गाजियाबाद इंदिरापुरम स्थित उनके निवास पर कैंसर की लंबी बीमारी से निधन हो गया।

दिल्ली निगम बोधघाट स्थित सीएनजी दाह संस्कार गृह मे आज उनका दाह संस्कार 11 बजे अनेको पत्रकारों, साहित्यकारो व सम्बन्धियो की उपस्थिति मे उनके पुत्रों ने पार्थिव देह को अग्नि देकर पंचतत्व को समर्पित किया।

अस्थि कलश गंगा मे प्रवाहित करने के लिए आज ही हरिद्वार ले जाए गए।

पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक समस्त क्रियाक्रम हरिद्वार मे सम्पन्न किए जाऐंगे। 20 जनवरी को इंदिरापुरम गाजियाबाद मे सुबह 10 बजे शांतिपाठ, तत्पश्चात ब्रह्मभोज होगा।

पाँच रोज पहले स्थानीय मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कैंसर से पीड़ित डॉ0 कैलास पपनै के परिजनों को सलाह दी थी की वे अब उनकी सेवा घर पर ही करे। अवगत हुआ कि 13 कीमो थैरेपी के बाद वे स्वस्थ जीवन की ओर लौट चले थे। प्रत्येक कार्य नियमित करने लगे थे। कुछ समय पहले शरीर के एक अंग के छोटै से आप्रेशन के बिगड़ने के बाद उनका दूसरा आप्रेशन किया गया जो जानलेवा साबित हुआ।

मृत्यु की इस दुःखद घड़ी मे स्व.डॉ कैलास पपनै के दोनों पुत्र संजु व नन्नू जो लन्दन मे कार्यरत हैं व पुत्री चारु तथा पत्नी शोभा घर पर ही मौजूद थे

मधुर बाणी व सरल स्वभाव के धनी डॉ0 कैलास पपनै ने करीब तीन दशकों तक हिंदुस्तान अखबार से जुड़े रह कर पत्रकारिता के मापदंडों की गरिमा को महफूज रख लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की गरिमा को बनाए रखने मे अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर भूरि-भूरि प्रशंशा की जाती है।

उत्तराखंड नैनीताल मे 5 जुलाई 1948 को जनमे डॉ0 कैलास पपनै मूल रूप से पाली रानीखेत के निवासी थे। आपकी प्राथमिक शिक्षा नैनीताल, बीएससी व एम ए अर्थशात्र व राजनीतिशास्त्र आगरा विश्वविद्यालय से व पीएचडी कुमाऊँ विश्विद्यालय से सम्पन्न हुई थी।

सरकारी आफिसर के पद से त्यागपत्र देकर आपने भारतीय पत्रकारिता विद्यापीठ से स्वर्ण पदक प्राप्त कर 1972 मे पत्रकारिता मे कदम रखा था।

पत्रकारिता जगत मे डॉ0 कैलास पपनै राजनैतिक व आर्थिक विषयों की पत्रकारिता के विषेषज्ञ के तौर पर जाने जाते थे।

पत्रकारिता के उच्च मापदंडों की गरिमा को तीन दशकों तक आदर्शस्वरूप बनाऐ रखने के लिए डॉ0 कैलास पपनै के अमिट योगदान को कभी भुलाया नही जा सकेगा।

राष्ट्रीय महासचिव
नेशनल फैडरेशन ऑफ न्यूजपेपर इम्पलाइज (NFNE)
[email protected]
9871757316

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