उत्तराखंड सरकार और कर्मचारी संगठनों में एक बार फिर तनातनी

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देहरादून। जनवरी को हड़ताल पर रहने वाले कर्मचारियों का वेतन रोके जाने से सरकार और कर्मचारियों के बीच में टकराव बढ़ गया है। आज कैबिनेट बैठक से भी वेतन न रोकने के फासले के इन्जार में कर्मचारी संघठनों की कॉर्डिनेशन कमेटी की सचिवालय में बैठक भी हुयी, जिसमे आज की कैबिनेट पर कर्मचारियों की नजर थी।
किन्तु कैबिनेट बैठक में इस सम्बन्ध में कोई फैसला नही हुआ। साथ ही मुख्यमंत्री ने भी मिडिया से बातचित में साफ कर दिया की जो काम पर थे उनको ही वेतन मिलेगा। सरकार के इस फैसले से कर्मचारी संघठन फिर से महारैली का एलान कर सकते है ंउत्तराखंड में सरकार और कर्मचारी संगठनों में एक बार फिर तनातनी की स्थिति बन गई है- 31 जनवरी को सामूहिक अवकाश में सम्मलित कर्मचारियों को महीने के पांच दिन बीतने के बावजूद भी वेतन नहीं मिलने से कर्मचारी संगठनों में भारी रोष है। कर्मचारी संगठनों की कॉआर्डिनेशन कमेटी ने इसे वायदा खिलाफी बताते हुए बुधवार को साढ़े ग्यारह बजे सचिवालय स्थित संघ भवन में आपात बैठक बुलाई गई थी।
कमेटी के संयोजक दीपक जोशी का कहना है कि सरकार के आश्वासन पर कर्मचारियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था लेकिन सरकार ने अपनी वचनबद्वता नहीं निभाई। अब तक उनका वेतन खातों में नहीं आने से कर्मचारियों में भारी गुस्सा है- नतीजा यह है कि कर्मचारी स्थगित किए गए महारैली के कार्यक्रम को एक बार फिर शुरू करने पर विचार करेंगे।

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