निजी कॉलेज का मालिक गिरफ्तार

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दशमोत्तर छात्रवृत्ति में एसआइटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रुड़की स्थित एक निजी कॉलेज के एमडी अंकुर शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कॉलेज के एमडी ने मिलीभगत कर दो साल के भीतर फर्जी तरीके से छह करोड़ 28 लाख 94 हजार 750 रुपये की छात्रवृत्ति हड़पी है। इस कॉलेज का एक अन्य संचालक विवेक शर्मा फरार चल रहा है। एसआइटी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट से गैर जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यु) हासिल किया है। इस घोटाले में अब जल्द समाज कल्याण विभाग और सत्यापन करने गए प्रशासनिक अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तलवार लटकती दिख रही है।

प्रदेश में करोड़ों रुपये की छात्रवृत्ति घोटाले की जांच एसआइटी कर रही है। अभी तक हरिद्वार और देहरादून के कई संस्थान जांच के दायरे में आ चुके हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक दिसंबर, 2018 को गठित एसआइटी ने हरिद्वार में सिडकुल थाने और देहरादून में प्रेमनगर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए हैं। एसआइटी जांच के दायरे में आए 30 से ज्यादा प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों की जांच कर रही है। इन्हीं कॉलेजों में रुड़की के भगवानपुर से लगे बेदपुर (दयाल सिटी) में संचालित इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज (आइपीएस) घोटाले में टॉप में था। इस कॉलेज में वर्ष 2015 और 2016 में 2023 अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के छात्रों को छात्रवृत्ति जारी हुई थी।

एसआइटी प्रभारी आइपीएस मंजूनाथ टीसी ने बताया कि विवेचना में पाया गया कि सिर्फ दो साल के भीतर इस कॉलेज के छात्र-छात्राओं को समाज कल्याण विभाग ने छह करोड़ 28 लाख 94 हजार 750 रुपये की रकम ऑन लाइन खातों में जारी की। यह खाते एक ही बैंक में खोले गए।

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