केन्द्रीय मंत्री गडकरी ने पहंचे हरिद्वार किया नामामि गंगे के तहत हुए कार्यो का लोकार्पण

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हरिद्वार। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी गुरूवार को हरिद्वार में नमामि गंगे योजना के तहत कुछ कार्यों का लोकार्पण किया। इस दौरान मंच पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, श्याम जाजू सहित अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड के 33 एसटीपी में से 19 चुकी हैं। 12 निर्माणाधीन हैं और 2 देहरादून में शुरू होनी हैं। केंद्र सरकार ने पिछले तीन सालों में इन्हें पूरा किया है। राज्य में 22 अत्याधुनिक श्मशान बनने थे जिसमें से कई पूरे होने वाले हैं। इस दौरान गडकरी ने हरिद्वार- देहरादून की रिस्पना और बिंदाल नदी पर 60 करोड़ की लागत से बनने वाले इंटर सेप्टर डायवर्जन का शिलान्यास किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि गंगोत्री से गंगासागर तक मोटरबोट से जाने का मेरा सपना है। भविष्य में इस योजना पर कार्य शुरू होगा। गडकरी ने इस दौरान बड़ा बयान दिया उन्होंने कहा कि 900 किलोमीटर सड़क का 12 हजार करोड़ रुपए का काम जल्द पूरा होगा।
गडकरी ने कहा कि अब नए टेंडर से हरिद्वार-देहरादून एनएच का निर्माण होगा। इसके साथ ही देहरादून-हल्द्वानी के बीच नई रिंग रोड की घोषणा की। कहा कि मेरठ-बिजनौर-हरिद्वार का फोरलेन कोटद्वार तक बढ़ाया जाएगा। कोटद्वार-दुगड्डा-स्यालपा श्रीनगर मार्ग पर जल्द सर्वे शुरू होगा। चंडीघाट, बालावाली और श्यामपुर में भी अत्याधुनिक श्मशान घाट का निर्माण पूरा हो चुका है। रुड़की के इकबालपुर में नहर बनेंगी। जिससे एक लाख हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी। कहा कि सुप्रीमकोर्ट का हस्तक्षेप न होता तो मैं आज चारधाम यात्रा मार्ग का लोकार्पण कर रहा होता।
केंद्रीय मंत्री ने कहा किलक्सर में बाण गंगा पुनर्जीवित होगी। गंगा में जल बढ़ेगा। हरिद्वार में आस्था पथ का निर्माण होगा, हरकी पैड़ी का 40 करोड़ से सौंदर्यीकरण होगा, गंगा के लिए पैसे की कमी नही है। उन्होंने राज्यसरकार और जनता से स्वच्छ गंगा के लिए धनराशि दान करने की अपील की। कहा कि नमामि गंगे के अकाउंट में सीधे धनराशि डाली जाए। राज्य सरकार प्रयास करे तो केंद्र सरकार पेड़ों का ट्रांसप्लांटेशन करेगी।
सड़क चैड़ीकरण की जद में आने वाले पेड़ों को उखाड़ कर कहीं और रोपित किया जाएगा। कार्यक्रम में गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए किए गए 450 करोड़ के कार्यों को जनता को समर्पित किए गए। केंद्रीय मंत्री उत्तराखंड में बने 20 गंगा घाटों के अलावा गोपेश्वर, नंदप्रयाग, श्रीनगर आदि जगह पर गंगातट के कस्बों में बने छोटे-छोटे 14 सीवर शोधन संयंत्रों, ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम, तपोवन, श्रीनगर और ज्ञानसू उत्तरकाशी के उच्चीकृत सीवर शोधन संयंत्रों का लोकार्पण भी हरिद्वार स्थिति गंगा नदी की नीलाधारा में किया।

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