द हैबिटैट्स ट्रस्ट ग्रांट्स ने अपने 2019 के संस्करण के लिए आवेदन पत्र आमंत्रित किए

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देहरादून। हैबिटैट्स ट्रस्ट, जो प्राकृतिक आवास एवं उसकी घरेलू प्रजातियों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए काम करता है, ने आज घोषणा की कि हैबिटैट्स ट्रस्ट ग्रांट्स 2019 के लिए इसका एप्लीकेशन पोर्टल 1 अप्रैल, 2019 से काम करना शुरु कर देगा। द हैबिटैट्स ट्रस्ट ग्रांट की स्थापना 2018 में उन लोगों व संस्थानों को सम्मानित करने एवं सहयोग करने के लिए की गई थी, जो संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम कर रहे हैं। भारत की जैव विविधता का संरक्षण करने के लिए काम करने वाला कोई भी संगठन अपनी विशेष श्रेणियों में ग्रांट के लिए आवेदन कर सकता है, जिनमें स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप ग्रांट; कम परिचित हैबिटैट्स ग्रांट और कम परिचित स्पेसीज़ ग्रांट की श्रेणियां शामिल हैं। हैबिटैट्स ट्रस्ट ग्रांट्स ने दो श्रेणियों – कम परिचित हैबिटैट्स और कम परिचित स्पेसीज़ ग्रांट में से प्रत्येक के लिए अनुदान की राशि में 5 लाख रु. की वृद्धि भी की है।
द हैबिटैट्स ट्रस्ट ग्रांट ने इस साल खास लोगों के लिए एक नई श्रेणी – द कंज़र्वेशन हीरो ग्रांट पेश की है, जो भारत की विलुप्तप्राय एवं नाजुक जैव विविधता तथा प्राकृतिक आवासों के संरक्षण में योगदान देने वाले कंज़र्वेशनिस्टों को पहचानकर उन्हें सहयोग प्रदान करेगी। देश में किए जाने वाले संरक्षण के प्रयासों पर इन नायकों के काम का गहरा प्रभाव पड़ता है और यह ग्रांट उन्हें ऐसा मंच प्रदान करना चाहती है, जिसका उपयोग कर वो अपने काम का विस्तार कर सकें।
ग्रांट्स के 2019 संस्करण के लिए आवेदन मंगाने के बारे में रोशनी नादर मल्होत्रा, सीईओ, एचसीएल कॉर्पोरेशन एवं फाउंडर व ट्रस्टी, द हैबिटैट्स ट्रस्ट ने कहा, ‘‘हमारे प्राकृतिक संसाधन बहुमूल्य हैं और हम ऐसे युग में संघर्ष कर रहे हैं, जब अनेक प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। हमें पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए केंद्रित प्रयासों की आवश्यकता है। हैबिटैट्स ट्रस्ट ग्रांट इस क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और संगठनों को वित्तीय और संस्थागत सहयोग प्रदान करने के लिए स्थापित की गई। इस उद्देश्य में सहयोग के लिए हम इस साल ‘कंज़र्वेशन हीरो ग्रांट’ शुरु कर रहे हैं और हमने अनुदान की राशि बढ़ा दी है। मैं 2019 के संस्करण के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आने की उम्मी कर रही हूँ।’’पिछले साल की तरह ही हर आवेदन का बहुस्तरीय जाँच प्रक्रिया द्वारा मूल्यांकन किया जाएगा। यह मूल्यांकन क्षेत्र के विशेषज्ञ, बाहरी ऑडिटर, द हैबिटैट्स की टीम एवं भारत और विदेशों के प्रतिष्ठित कंज़र्वेशनिस्टों की एक ज्यूरी करेगी।

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