निगम का अतिक्रमण अभियान सिर्फ राजस्व वसूली तक सिमटा

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कैसे सुधरेंगे शहर के हालात आज भी यक्ष प्रश्न
देहरादून। नगर निगम का शहर से अतिक्रमण हटाओं अभियान मात्र राजस्व वसूली तक सिमटकर रह गया है। पिछले दिनों कुछ दिन निगम ने अतिक्रमण हटाओं अभियान के नाम पर राजस्व वसूली तो कर ली। पर आज भी शहर में अतिक्रमण की स्थिति जस की तस बनी हुई है। शहर के मुख्य मार्गो पर अतिक्रमण जाम का कारण भी बन रहा है। जिससे शायद नगर निगम को कोई लेना देना नही है।
शहर में नगर निगम द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ कई अभियान चलाए जाने के बावजूद अतिक्रमण की समस्या जस की तस बनी हुई है। पिछले एक साल में नगर निगम ने अवैध दुकानों का चालान कर लाखों रुपये का राजस्व इकट्ठा किया है। देहरादून शहर में अतिक्रमण साल दर साल बढ़ता नजर आ रहा है। पिछले तीन सालों में अतिक्रमण बढ़ने के साथ ही नगर निगम के राजस्व पर भी साल दर साल इजाफा हो रहा है। लेकिन चालान होने के बावजूद अतिक्रमणकारी नहीं सुधर रहे हैं। नगर निगम द्वारा शहर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अवैध दुकानों का माल जब्त या चालान किया जाता है। फिर चेतावनी उनपर जुर्माना लगाकर उन्हे सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है। जिसके चलते शहर भर में अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद है। निगम की कार्यवाही से अतिक्रमणकारियों को कोई फर्क पकड़ता नजर नही आ रहा है। परेड मैदान के चारों ओर की आधी सड़क पर रेहड़ी ठेली वालों का कब्जा है। जिसके चलते यहां हर समय जाम की समस्या बनी रहती है। यही हाल राजपुर रोड का भी है। घंटाघर से लेकर पुराने याक पैट्रोल पंप तक वाहनों को रेंगकर चलने पर मजबूर होना पड़ता है। भूमिकर अधीक्षक धर्मेश पैन्यूली ने बताया कि नगर निगम द्वारा पिछले अप्रैल 2018 से मार्च 2019 में चलाए गए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान से 9 लाख 68 हजार रुपए वसूले हैं। उन्होंने बताया कि वसूला गया जुर्माना नगर निगम अपने विकास कार्यों में लगता है।

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