चमोली और अल्मोड़ा में फटा बादल

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एक की मौत, एक लापता
देहरादून। रविवार को मौसम ने करवट बदली है. बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन चमोली, बागेश्वर के कपकोट और अल्मोड़ा के चैखुटिया में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। चमोली में बादल फटने से एक व्यक्ति की मौत हो गई. वहीं कपकोट में 8 परिवारों की 88 भेड़ों की असमय मौत हो गई, चैखुटिया के खीड़ा गांव में तीन गौशालाओं में पानी घुस गया जिससे गौशालाएं क्षतिग्रस्त हो गईं। यहां भी कई जानवरों के मौत की खबर है। बताया जा रहा है कि एसडीआरएफ और आपदा की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। बताया जा रहा कि चैखुटिया के ग्राम पंचायत खीडा में शाम को बादल फटने की घटना हुई. इस दौरान एक व्यक्ति राम सिंह अपने बैलों को बांधने गौशाला गया था जो लापता बताया जा रहा है। वहीं चन्दन सिंह की गौशाला बह गई तथा मकान का हिस्सा दब गया। जानकारी के अनुसार अन्य तीन लोगों की गौशाला भी बह गई है। वहीं लछम सिंह पुत्र पान सिंह की पन्द्रह बकरिया गुम हैं। प्रताप सिंह संगेला के नौ खच्चरों की गुमशुदगी की खबर है। जुकाणी में दो छोटी गाड़ियों के मलबे में दबे होने का जानकारी सामने आई है। खजुराणी में केवल सड़क टूटने की खबर है। सड़क बनाने के काम में लगी चउहेल की रबइ भी फंसी है। अतिवृष्टि के चलते रामगंगा नदी में बाढ़ आ गई और जल स्तर काफी बढ़ गया है। रामगंगा के उफान पर होने से पुलिस प्रशासन ने लोगों को गंगा किनारे न जाने का अलर्ट भी जारी किया है। चमोली जिले में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। लामबगड़ के रागधेरी नाले के मलबे से करीब आठ हेक्टेयर भूमि तबाह हो गई है। साथ ही माईथान चैखुटिया मार्ग 100 मीटर तक ध्वस्त हो गया है। रामनगर में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि से दो अलग-अलग जगहों पर पेड़ गिर गए। रानीखेत रोड पर कार पर पेड़ गिरने की सूचना है। वहीं मोती महल स्कूल के निकट एक घर की दीवार पर पेड़ गिरने से एक महिला घायल हो गई। तेज आंधी और बारिश से शहर की लाइट गुल है। गढ़वाल क्षेत्र में कई जगह ओलावृष्टि भी हुई। उधर, मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं ने लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर दी। पहाड़ में बारिश से मैदानी क्षेत्रों में भी थोड़ी ठंडक महसूस हुई है।

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