अपनी बदहाली के आंसू बहाने को मजबूर “उत्तराखंड सचिवालय”

प्रदेश में स्थित सरकारी विभागों के कई कार्यालयों के जर्जर स्थिति में होने की खबरें अक्सर मिलती हैं। लेकिन आप यह जानकार हैरान रह जाएंगे कि देहरादून में स्थित राज्य सचिवालय परिसर में स्थित कई कार्यालय भवन ऐसे हैं जो सुरक्षित नहीं हैं। उनकी दीवारें जीर्णशीर्ण स्थिति में हैं। छत से पानी टपक रहा है। फर्श पर सीलन का पानी बह रहा है। इन दफ्तरों में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को कभी भी हादसे के रूप में इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है। उनके स्वास्थ्य के लिए भी ये हानिकारक है। निरीक्षण के बाद राधा रतूड़ी ने गेट पास, आइटीआई और सोसायटी के तीन दफ्तरों को अन्यत्र शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।

दुर्गंध से भरा है गेट पास कार्यालय _

अपर मुख्य सचिव (सचिवालय प्रशासन) राधा रतूड़ी के औचक निरीक्षण के दौरान ये बातें सामने आई हैं। राधा रतूड़ी ने बीते बुधवार की शाम तकरीबन पौने पांच बजे सचिवालय परिसर के एक हिस्से का निरीक्षण किया। सबसे पहले वह सचिवालय के मुख्य गेट पर स्थित गेट पास ऑफिस में पहुंचीं। जहां उन्होंने देखा कि कार्यालय की दीवारों से पानी टपक रहा है। दीवारी सीलन से गीली हैं। सीवर और पानी का ड्रेजेन सिस्टम चोक पड़ा हुआ है। दफ्तर के कमरे दुर्गंध से भरे हुए हैं।


आरटीआई दफ्तर की दीवारों से झड़ रहा प्लास्टर _

एसीएस राधा रतूड़ी आरटीआई दफ्तर में पहुंची तो उन्होंने देखा कि कार्यालय की छत से पानी का रिसाव हो रहा है जो दीवारों से बहता हुआ फर्श तक पहुंच रहा है। दीवारों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि उनसे प्लास्टर झड़ रहा है। कक्ष के सामने नालियां चोक पड़ हुई हैं। उनमें जमा पानी कीचड़ में तब्दील हो रखा है। शौचालय में गंदगी है। पानी की टंकी सही हालत में है।


सोसायटी ऑफिस की हालत जर्जर _

उत्तराखण्ड सचिवालय वेतन भोगी सहकारी सिमति लिमिटेड सोसायटी कार्यालय की स्थिति सबसे खराब पाई गई। कार्यालय की छत इतनी जर्जर है कि उसे गिरने से रोकने के लिए लोहे के बीम लगाए गए हैं। ये बीम खुद ही जर्जर और अत्यंत असुरक्षित हैं। छत इतनी जर्जी अवस्था में है कि कभी भी क्षतिग्रस्त हो सकती है। दीवारों में भी पानी का रिसाव हो रहा है। दीवारों की असुरक्षित हैं।

ये है स्थिति _

_ सीलन से भरी हुई हैं दीवारें। गिर रहा है प्लास्टर।

_ छतों में हैं कई छेद जिनसे कमरों में टपक रहा है पानी।

_ लोहे की कमजोर बीम लगाकर रोका गया है छतों को गिरने से।

_ पानी का रिसाव होने से झड़ रहा है दीवारों का प्लास्टर।

_ नालियां चोक होने से दुर्गंध से भरे हुए हैं कार्यालय कक्ष।

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