8 गांव 231 परिवार-15 शौचालय

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वाह सरकार-
8 गांव 231 परिवार-15 शौचालय

-उत्तरकाशी 2016 में हो चुका ओडीएफ जनपद घोषित
चंद्र प्रकाश बुड़ाकोटी
देहरादून। भले ही उत्तराखंड खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित हो चुका है। लेकिन जमीनी हकीकत दावो से कुछ और है।हम आज बात कर रहे है ओडीएफ घोषित हुए उत्तरकाशी जनपद की तो -अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी भी 6 हजार घरों में शौचालय नही बनाये गए है।मूलभूत सुविधाओं को तरस रही जिले की बड़ियार घाटी के इन आठ गांवों में 231 परिवार निवास करते है लेकिन अभी मात्र 15 ही शौचालय बन पाए है।फिर दावे क्यो हो रहे है? दो साल से अधिक का समय जिले को शौच मुक्त हुए हो चुका है,लेकिन अभी जिले में 2 हजार 151 परिवारो के शौचालय बनने से छूटे हुए हैं। जबकि परिवारों के बढ़ने से 4664 शौचालयों के निर्माण अभी और होने बाकी है। ऐसे में खुले से शौच से मुक्त उत्तरकाशी जनपद हओ गया यह बड़ा सवाल है। जिम्मेदारी संभाल रहे सरकारी महकमों के इसे लेकर अपने ही तर्क हैं।2016 को उत्तरकाशी जिले को ओडीएफ घोषित किया गया था। लेकिन इसे बाद भी कई गांवों में परिवारों के पास शौचालय न होने शिकायतें आती रही। स्थानीय निवासी जसवीर कहते है कि इस संबंध में कई बार शिकायते भी की जा चुकी है कोई हमारी बात सुनने को तैयार नही।सिस्टम द्वारा पीएम के शौचमुक्त गावँ के सपने को पलीता लगाया जा रहा है। स्वजल के पेयजल व स्वच्छता समन्वयक लोकेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि उत्तरकाशी ओडीएफ जनपद है। पहले गांवों की स्थिति यह थी कि गांव के नजदीक पहुंचते ही खुले में शौच के कारण बदबू शुरू हो जाती थी। आज बदलाव हुआ है। गांव के सभी लोग शौचालय का प्रयोग कर रहे हैं। खुले में शौच की स्थिति नहीं है। जिले में सभी बनने वाले 6 हजार 815 शौचालयों के निर्माण की कार्यवाही तेज की जा रही है।

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