मलुवे में दफन फल्दियागांव की खोज बीन लगभग बंद

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सुभाष पिमोली

चमोली । थराली तहसील क्षेत्र में बादल फटने के बाद आयें जल सैलाब से अस्त व्यस्त हो चुके जनजीवन चौथे दिन भी सामांय होने के बजाय क्षेत्र मे लगातार हो रही भारी बरसात के कारण पटरी से उतरती ही जा रही हैं।अगर मौसम का यही मिजाज बना रहा तो आम लोगो के साथ ही प्रशासन की दुस्वारीया भी बडने के आसार बनने लगे हैं।
गत सप्ताह बृहस्पतिवार की रात्री फटे बादलो के कारण देवाल ब्लाक के आधा दर्जन से अधिक गांव में तबाही के साथ ही पूरे थराली तहसील मे आपदा का व्यापक असर हुआ था क्षेत्र की लगभग सभी मोटर सड़को के साथ ही पैदल वअश्व मार्ग,जहॉ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गये थे वही पेयजल व बिजली की लाईनो को भी भारी नुकसान हुआ था।आपदा के बाद जिस उत्साह के साथ तमाम विभाग आपदा से पीडितो को ऊभारने मे जुटे थे समय व लगातार हो रही बरसात के कारण ठंडा पड़ता जा रहा हैं। इस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता हैं। कि जल सैलाब के बाद मलुवे में दफन फल्दियागांव की खोज बीन लगभग बंद कर दी गई है। इस के अलावा तीन दिनो के अंदर जिन मोटर सड़को को लोनिवि थराली ने तमाम मशीनो व मजदूरो के बलबूते काफी हद् तक यातायात के लिए खोल दिये थे रविवार की देर रात्री व सोमवार की प्रातः हुई वर्षा ने खोली गई सड़को के साथ ही अंय सडको को भी बंद कर दिया हैं। यही नही दर्जनो गांव के पैदल व अश्व मार्गो के बूरी तरह टूट जाने के कारण ग्रामीणो को कई,कई किमी की अतरिक्त दूरी तैय कर अपने गंतव्यो तक पहुचना पड़़ रहा हैं। कांग्रेस के देवाल ब्लाक के महामंत्री खिलाप सिंह दानू, पिंडारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दर्शन सिंह दानू ने बताया की मोटर सड़को के साथ ही गावो के पैदल रस्तो की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही हालत इतने बत्तर बने हुए है की गांव के अंदर ही अंदर जाने के लिए भी ग्रामीणो को खाशी मश्कत करनी पड रही हैं। पेयजल व्यवस्था भी पटरी से उतरी हुई हैं। ग्रामीणो को दूर-दूर से पानी ढो कर अपने व मवेशियो के लिए पानी की व्यवस्था करनी पड रही हैं। माना जा रहा है कि अगर मौसम ने साथ नही दिया और मैसम के मिजाज इसी तरह बिगडे रहे तो आने वाले कुछ ही दिनो में तमाम ग्रामीण अॉचलो में खधान सहित अंय जरूरी वस्तुओ की कमी होने से अधिकारी भी इनकार नही कर पा रहे हैं।

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