स्नातक कक्षाओं में सेमेस्टर सिस्टम के विरोध में उतरा अभाविप

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देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने स्नातक कक्षाओं में सेमेस्टर सिस्टम का विरोध किया है। संगठन के पदाधिकारियों एवं छात्र संघ के नेताओं ने दून के चार प्रमुख कॉलेजों के प्राचार्यों को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया। साथ ही उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. धन सिंह रावत को भी इस संबंध में पत्र भेजा।
डीबीएस पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीसी पांडे को ज्ञापन सौंप संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि कॉलेजों में आधारभूत सुविधाएं व शिक्षकों के रिक्त पदों को भरे बिना ही सीबीसीएस सिस्टम शुरू कर दिया गया है। राज्य सरकार ने यूजीसी के मानकों को खानापूर्ति के लिए तो लागू कर दिया था, लेकिन अब यह छात्रों पर भारी पड़ रहा है।
उनका कहना था कि अभाविप पिछले दो सालों से इसका विरोध कर रही है। अभाविप ने सेमेस्टर प्रणाली को अव्यवहारिक बताते हुए इसे स्नातक स्तर पर समाप्त करने की मांग की। बताया कि बीए, बीएससी एवं बीकॉम को एक वर्ष में दो सेमेस्टर में बांटा गया है। एक सेमेस्टर में 90 दिन की कक्षाएं अनिवार्य हैं। इस दौरान यदि शिक्षकों उपलब्ध नहीं है, या किसी छात्र की बीमारी व अन्य कारणों से कक्षाएं छूट जाती हैं, ऐसे में इसका खामियाजा छात्र को ही उठाना पड़ रहा है।
उधर, डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय सक्सेना को ज्ञापन सौंपते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्र के युवक-युवतियां उच्च शिक्षा प्राप्त करने दून आते हैं, लेकिन अच्छे अंक होने के कारण भी वह दाखिले से वंचित रह जाते हैं।
एमकेपी पीजी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. साधना गुप्ता एवं श्री गुरुराम राम पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. वीए बौड़ाई को ज्ञापन सौंपते हुए कॉलेजों में 20 फीसद सीटें बढ़ाने की मांग भी की गई। इस मौके पर हिमांशु कुमार, सत्यम कनौजिया, राहुल चैहान, दयाल बिष्ट, सागर तोमर, गौरव तोमर, हर्ष चैहान, चीनू चैहान, कविता परगाईं, मनीषा राणा, अंकिता आदि मौजूद रहे।
प्रदेश छात्र संघ कार्य प्रमुख संकेत नौटियाल के मुताबिक, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पिछले वर्ष प्रांतीय सम्मेलन में भी स्नातक स्तर पर सेमेस्टर सिस्टम का विरोध किया था और उसे कॉलेजों से समाप्त करने की मांग की थी। यूजीसी की इस नई व्यवस्था से छात्रों को लाभ नहीं, बल्कि नुकसान झेलना पड़ रहा है।
डीबीएस कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष मनबीर सिंह नेगी के अनुसार, डीबीएस पीजी कॉलेज के प्राचार्य के माध्यम से उच्च शिक्षा राज्य मंत्री को ज्ञापन भेजकर कड़ा विरोध दर्ज किया गया है। साथ ही कॉलेजों में 20 फीसद सीटों को बढ़ाने की मांग भी की गई है।

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