झोपड़ी में लगी भीषण आग, चार लोग झुलसे

0
201

लालकुआ। मोटाहल्दू के सुफीभगवानपुर में बटाईदारों की झोपड़ी में आग लगने से चार लोग झुलस गए वहीं तीन घरों का हजारों रुपये का सामान जलकर राख हो गए।
आग की लपटों ने मेहनत-मजदूरी करने वाले लोगों की उम्घ्मीदों को जलाकर राख कर दिया। मोटाहल्दू के सुफीभगवानपुर में बटाईदारों की झोपड़ी में आग लगने से चार लोग झुलस गए वहीं तीन घरों का हजारों रुपये का सामान जलकर राख हो गए। आग सिलेंडर में भड़कने से और भयावह हो गई। सूचना पर पहुंची फायर बिग्रेड व पुलिस बल ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। वहीं घटना के बाद से परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है।
रविवार की सुबह साढ़े आठ बजे सूफी भगवानपुर निवासी कांतिबल्लभ पुत्र हरिदत्त निवासी के बटाईदार खेम बहादुर पुत्र दोधराज, कल्लू पुत्र सतपाल निवास सूफी भगवानपुर, नन्ही देवी पत्नी दोधराज, ओमदर्शन पुत्र दोधराज निवासी निवासी बहेड़ी उप्र की झोपड़ी में अचानक आग लग गई। जब तक परिजन कुछ समझ पाते तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गृह स्वामी द्वारा आसपड़ोस के लोगों की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया गया। तभी गैस सीलेंडर फटने से झोपड़ी पूरी तरह से जल गई। आग को बुझाने में ग्रामीण विपिन कबड़वाल, चंम्पा कबड़वाल, मीनाक्षी व कल्लू निवासी सूफी भगवानपुर झुलस गए। जिन्हें हल्द्वानी चिकित्सालय भेजा गया है। आग लगने से नन्ही देवी जो कि एक विधवा हैं के घर पे रखे 16000 रुपये, खेम बहादुर बटाईदार की टीवी व पंखे व अन्य सभी के बेड फर्नीचर आदि जल के खाक हो हए है। विधायक नवीन दुम्का ने मौके पर पहुच कर पीड़ित को हर संभव सहायता का आश्वाशन दिया है।

आयुर्वेद इलाज को मंहगा करने की तैयारी
देहरादून। उत्तराखंड में आयुर्वेद इलाज को मंहगा करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए निदेशालय जल्द प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेगा। निदेशालय स्तर पर आयुर्वेद चिकित्सा में 5 से 10 गुना तक की बढ़ोतरी की जाएगी। फिलहाल इसके लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। प्रदेश में एलोपैथी चिकित्सा को महंगा करने के आदेश के बाद अब आयुर्वेद चिकित्सा में भी रेट रिवाइज करने की तैयारी चल रही है। हालांकि एलोपैथी में सरकार को बैकफुट पर जाना पड़ा था और फिलहाल बढ़े हुए शुल्क के आदेश को स्थगित भी करना पड़ा था। बहरहाल आयुर्वेद निदेशालय 5 से 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव तैयार कर रहा है। बता दें कि राज्य स्थापना के बाद से ही अब तक आयुर्वेद चिकित्सा में रेट रिवाइज नहीं किए गए हैं। ऐसे में अब निदेशालय स्तर पर ओपीडी पंजीकरण शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा आयुर्वेद दवाखानों में भी पंजीकरण शुल्क को जल्द बढ़ाया जाएगा। फिलहाल आयुर्वेद चिकित्सा में ओपीडी पंजीकरण शुल्क 1 से 2 रुपये है, जोकि बेहद कम माना गया है. माना जा रहा है कि पंजीकरण शुल्क को 5 से 10 रुपये तक किया जा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here