स्ंट्रागं रूम के बाहर मिले फटे हुए मतपत्र, प्रशासन में मचा हड़कपं

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गदरपुर। प्रदेश में पहले चरण के पंचायत चुनाव संपन्न हो चुके हैं। कई प्रत्याशियों की किस्मत मत पेटियों में कैद हो गई है। पहले चरण का चुनाव संपन्न होने के बाद मत पेटियों को स्ट्रांग रूम में रखा है। इसी बीच गदरपुर से स्ट्रांग रूम के बाहर फटे हुए मत पत्रों के मिलने की सूचना मिली है। जिसके बाद से ही प्रत्याशियों में हड़कंप मचा हुआ है। गदरपुर इंटर कॉलेज में बने पंचायत चुनाव के स्ट्रांग रूम के बाहर बड़ी संख्या में फटे हुए मतपत्र मिले हैं। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों में इस बात को लेकर गंभीर चिंता देखी जा रही है। वहीं, क्षेत्र की ये घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
बता दें कि गदरपुर इंटर कॉलेज में बने पंचायत चुनाव के स्ट्रांग रूम के बाहर बड़ी संख्या में खानपुर पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी और अन्य प्रत्याशियों के मत पत्र फटे हुए पाए गए। इन मतपत्रों के पीछे पीठासीन अधिकारी के साइन और मुहर भी लगी है। घटना की सूचना के बाद प्रशासनिक अमला भी हरकत में आ गया है। मौके पर पहुंचे गदरपुर थाना अध्यक्ष ने सभी मतपत्रों को कब्जे में लेकर सील कर दिया है। एसडीएम एपी बाजपेई भी सूचना पाकर मौके पर पहुंचे। इस दौरान प्रत्याशियों के समर्थकों ने धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि अनधिकृत व्यक्ति स्ट्रांग रूम के अंदर बाहर जाता हुआ दिख रहा है। प्रत्याशियों ने आरोप लगाया है कि सत्ता और शासन प्रशासन के दबाव में गड़बड़ियां की जा रही हैं। प्रत्याशियों ने मामले की विस्तृत जांच के साथ ही स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को पुख्ता करने की मांग की है। मामले पर बोलते हुए एसडीएम एपी बाजपेई ने कहा कि गदरपुर में कुछ संदिग्ध मत पत्र पाए गए हैं जो कि खराब अथवा डैमेज भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। स्ट्रांग रूम में अनाधिकृत लोगों के जाने को लेकर डीएम ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता सुरेंद्र पाल सिंह नेगी ने इन्हे बैरिकेडिंग बनाने के लिए अधिकृत किया था। उन्होने बताया कि स्ट्रांग रूम के एक कैमरे के खराब होने की सूचना भी मिली थी। एसपीएस नेगी द्वारा बताया जा रहा है कि वह सीसीटीवी को चेक करने गए थे। इसकी विस्तृत जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
बता दें कि मतदान से पहले गदरपुर क्षेत्र के बरिराई जिला पंचायत प्रत्याशी के पति चन्दन सिंह नयाल ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे पर गंभीर आरोप लगाये थे। उन्होंने कहा था कि कहीं गूलरभोज की तरह सत्ता का दुरुपयोग करके जीते हुए प्रत्याशी को हरा ना दें। जिसके चलते ही उन्होंने मांग की थी कि स्ट्रांग रूम में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए। मतगणना करते समय भी सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में मतगणना की जाये। निकाय चुनाव के समय गूलरभोज नगर पंचायत प्रत्याशी रेवती सावंत ने भी कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे पर गंभीर आरोप लगाये थे। उन्होंने कहा था कि वे 16 वोटों से जीत गई थी लेकिन बाद में कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे ने सत्ता का दुरुपयोग करके दोबारा रिकाउंटिंग करावाई। जिसमें उनके वोट कम हो गये थे।

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