नहीं हो रहा आयुष छात्रों की समस्या का समाधान

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देहरादून। निजी कालेजों द्वारा मनमानी फीस वसूली के खिलाफ आंदोलित आयुष छात्रों के अंादोलन को सर्मथन देने वाली कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले बयान पर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है।
कंाग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि सवा महीने से आंदोलन कर रहे आयुष छात्रों की मांगों को अगर सरकार नहीं मानती है तो कांगे्रस सुप्रीम कोर्ट जायेगी। उनका कहना है कि कांग्रेस पहले भाजपा के विधायकों से मिलकर समस्या के समाधान का प्रयास करेगी और सरकार पर दबाव बनायेगी कि वह आयुष छात्रों की मांग पर ध्यान दे। लेकिन फिर भी बात नहंी बनी तो कांग्रेस इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटायेगी। प्रीतम सिंह के बयान पर आयुष मंत्री डा. हरक सिंह ने चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस को तो किसी मुद्दे पर विरोध करना भी नहीं आता है।
डा. हरक सिंह का कहना है कि कांग्रसियों को तो किसी मुद्दे पर ठीक से विरोध करना भी नहीं आता है पहले सुप्रीम कोर्ट जाने की बात करने वाले कांग्रेसी नेता यह तो समझ लें कि मुद्दा क्या है? उन्हे तो मुद्दे की सही जानकारी तक नहीं है। जब यह मुद्दा पहले से ही कोर्ट में है तो कांग्रेस कोर्ट जाकर क्या करेगी? उन्होने कहा कि कोर्ट का जो भी निर्णय होगा सरकार उस पर अमल करेगी।
इस बीच सवा महीने से आंदोलनरत आयुष छात्र व उनके अभिभावक अभी भी परेड ग्रांउड में आंदोलन पर डटे हुए है। उनका आमरण अनशन और धरना प्रदर्शन जारी है जबकि अब तक कई छात्रों की हालत बिगड़ चुकी है। छात्रों का कहना है कि जब तक सरकार फीस वृद्धि को वापस नहीं लेगी उनका आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उधर जिन निजी आयुष कालेजों के खिलाफ यह आंदोलन चल रहा है उन कालेजों ने भी धमकी दी है कि अगर फीस वृद्धि वापस ली गयी तो वह कालेज बंद कर देेगे। उनका कहना है कि 80 हजार की फीस में उनके कालेजों का खर्चा भी नहीं निकल पाता है। तमाम राजनीतिक दबाव, आंदोलन और कोर्ट कचहरी के बावजूद भी आयुष छात्रों की समस्या का कोई समाधान होता नहीं दिख रहा है।

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