सरकार पर लगातार लगाए जा रहे आरोपों पर कितनी सत्यता है यह तो आरोप लगाने वाले ही जाने या सरकार किंतु लगातार रघुनाथ सिंह नेगी द्वारा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं विदित हो कि पूर्व में भी रघुनाथ सिंह नेगी द्वारा सरकार को कटघरे में खड़ा करने का काम किया गया है और आज भी उनके द्वारा सरकार को आड़े हाथों लिया गया रघुनाथ नेगी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में सरकार को घेरते हुए कई गंभीर आरोप रघुनाथ सिंह द्वारा सरकार पर लगाए गए हैं

क्या है यह आरोप

2.46 लाख करोड अर्थव्यवस्था वाला डबल इंजन महामारी में क्यों हो गया फेल ! मोर्चा

 

क्यों छात्रों की फीस सरकार नहीं कर पा रही वहन /माफ

क्यों औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों के साथ हो रहा अन्याय !

क्यों कर्मचारियों के भत्ते काटकर उनका किया जा रहा शोषण !

क्यों झूठे आंकड़ों के आधार पर दर्शाए थे 1.99 लाख रुपए प्रति व्यक्ति आय के ख्वाब!

क्यों जीडीपी को भी फर्जी तरीके से दर्शा कर दिखाए थे 6.8 फ़ीसदी के ख्वाब !

क्यों हवा हो गए हजारों करोड़ निवेश के दावे !

क्या किया हजारों करोड का बाजारु कर्ज लेकर !

विकासनगर – जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि लगभग 2.46 लाख करोड की अर्थव्यवस्था एवं लगभग 1.99 लाख रुपए प्रति व्यक्ति आय वाले डबल इंजन की सरकार इस कोरोना महामारी के डेढ़ महीनों में ही हवा ले गई | सरकार ने फर्जी आंकड़ों के सहारे बड़े-बड़े दावे कर पूर्व में जीडीपी 6.8 फ़ीसदी एवं हजारों करोड रुपए के निवेश होने की बात कही थी, लेकिन कोरोना महामारी ने सरकार के झूठे दावों की बखिया उधेड़ कर रख दी है | नेगी ने कहा करोड़ों रूपए खर्च कर झूठे विज्ञापन छपवाकर तथा फर्जी आंकड़ों के आधार पर कृषि के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार हासिल करने, इन्वेस्टर समिट के माध्यम से हजारों करोड़ों रुपए निवेश होने की बात कहकर वाह- वाही लूटने का काम किया था | नेगी ने कहा कि अगर सरकार माफियाओं के हाथ में न खेलती व ईमानदारी से काम करती तो निश्चित तौर पर प्रदेश का राजस्व कई गुना बढ़ जाता तथा हजारों करोड रुपए बाजारू कर्ज की जरूरत न पड़ती | प्रदेश को पूरी तरह से कंगाल कर दिया गया है| नेगी ने कहा कि इस महामारी में सरकार जनता का दर्द कम करने में विफल रही है तथा इसी का नतीजा है कि सरकार छात्रों की फीस, श्रमिकों के वेतन, पत्रकारिता से जुड़े गरीब कर्मियों व जनमानस को सुविधा देने आदि मामले में कोई व्यवस्था नहीं कर पाई, उल्टा कर्मचारियों के भत्तों में कटौती व दान/ चंदा इकट्ठा करने के बावजूद भी फ्लॉप साबित हुई है | मोर्चा ने सरकार पर व्यंग कसते हुए कहा कि फर्जी आंकड़ों के आधार पर जनता को कुछ समय के लिए को गुमराह किया जा सकता है लेकिन हमेशा के लिए नहीं !

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