देहरादून। पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता मंत्री प्रसाद नैथानी ने कहा कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने जो ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण को घोषित किया वह उत्तराखंड आंदोलनकारी शहीदों की शहादत का अपमान है। गैरसैंण में विधानसभा भवन निर्माण से लेकर सचिवालय तथा गैरसैंण विकास परिषद के गठन से लेकर कांग्रेस की तत्कालीन हरीश रावत सरकार ने पूरा काम किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान भाजपा सरकार ने न तो कोई भवन बनाया बल्कि गैरसैंण की जमीन को कोई भी बाहर का व्यक्ति न खरीद पाए, उसको तोड़कर भू माफियाओं को गैरसैंण की जमीन खरीदने का द्वार खोल दिया। ग्रीष्मकालीन राजधानी मात्र अधिकारियों के सैर सपाटा और फिजूलखर्ची का स्रोत बन कर रह जाएगा। इसके गंभीर परिणाम आएंगे। भाजपा की प्रचंड बहुमत एवं डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद भी उसके विकास को धरातल पर लाने की नीयत साफ नहीं है। इस समय पूरा प्रदेश कोरोना महामारी की चपेट में है। ऐसे समय में जनता को महामारी से बचाने के बजाय ग्रीष्मकालीन राजधानी की बात करना कहां तक उचित है, और अगर करना ही था तो पूर्ण राजधानी की बात करते। यह तो वही बात आ गई कि आसमान से टपके और खजूर पर अटके। कांग्रेस इस बात का विरोध करते हुए पूर्ण राजधानी का समर्थन करती है।

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