कमीशन खोरी करके खरीदे गए घटिया मीटरों की मार झेलता है उपभोक्ता

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विद्युत उपभोक्ताओं की समस्या को मोर्चा ने रखा मुख्य सचिव के समक्ष

विभागीय लापरवाही की वजह से दर-दर की ठोकरें खाने को उपभोक्ता मजबूर |

आईडीएफ/एडीएफ/ एनए के बिलों पर विभाग क्यों नहीं लेता स्वत: संज्ञान !

मीटर खराब होने/ जलने की स्थिति में क्यों स्वत: नहीं बदले जाते !

कमीशन खोरी करके खरीदे गए घटिया मीटरों की मार झेलता है उपभोक्ता |

 देहरादून – जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने मुख्य सचिव श्री ओम प्रकाश से मुलाकात कर प्रदेश के हजारों विद्युत उपभोक्ताओं की समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा | मुख्य सचिव ने तत्काल रिपोर्ट तलब करने के आदेश सचिव, ऊर्जा को दिए |

नेगी ने कहा कि विभागीय अनियमितता/ कमीशन खोरी व निकम्मेपन की वजह से विद्युत उपभोक्ता/ संयोजक अपनी विद्युत समस्या यथा बिलों को ठीक कराने, मीटर चेंज कराने एवं मीटर जंप आदि मामले को लेकर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं |

नेगी ने कहा कि विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के /बिलों पर कई -कई माह/वर्षों तक आईडीएफ/ एडीएफ/एनआर/ एनए इत्यादि प्रदर्शित होने के बाद भी इस मामले में कार्रवाई नहीं की जाती | बिलों पर प्रदर्शित उक्त संकेतों के बावजूद न तो उनका बिल स्वत: ठीक किए जाने की दशा में कार्य किया जाता है और न ही उनका मीटर बदला जाता है, जब तक उपभोक्ता विभाग के चक्कर काट-काट कर थक नहीं जाता |

कई- कई चक्कर काटने के बाद विभागीय मनमर्जी के आधार पर ही उसकी समस्या का बामुश्किल समाधान हो पाता है | कई मामलों में उपभोक्ताओं के मीटर जंप होने पर हजारों रुपए के बिल थमा दिए जाते हैं, जबकि यह सारा दोष विभाग का होता है, जिसने कमीशन खोरी के चलते घटिया मीटर खरीदे थे |

नेगी ने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं को ऐसे भारी भरकम बिल थमा दिए जाते हैं, जिसको ठीक कराना आम उपभोक्ता के लिए बहुत मुश्किल होता है तथा गरीब आदमी अपनी दिहाड़ी मजदूरी/ काम-धंधे छोड़कर इस समस्या से निजात में लग जाता है | नेगी ने कहा कि कंपनी/ विभाग का दायित्व है कि बिल पर प्रदर्शित अंकित समस्या का स्वत: संज्ञान लेकर उसको ठीक करें तथा उपभोक्ताओं को निजात दिलाए |