कोरोंना वायरस काल में बड़ी समाजिक सभाये हो सकती है ख़तरनाक ! जाने इस रिपोर्ट में

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विश्व में सबसे ज्यादा कोहराम मचाने वाला कोरोना के ऊपर कइ संस्थाएं शोध कर रहे है जिसमे बताया है कि 20 फीसदी संक्रमित बाकी के बचे 80 फीसदी लोगों तक पहुंचाते वायरस . 1,038 कोरोना संक्रमितों को लेकर हुए अध्ययन में इस बात का खुलासा हुआ है। इसमें कहा गया है कि जरूरी नहीं है कि संक्रमित होने वाला हर व्यक्ति दूसरों तक इसे पहुंचाता है। जबकि कोविड की चपेट में आने वाले कुछ लोग ही, इस वायरस से कई लोगों को संक्रमित कर सकते हैं।

वहीं, इस वायरस को महामारी घोषित किए हुए छह महीने से अधिक हो गए हैं। नवीनतम अध्ययन में अब बड़ी सामाजिक सभा से बचने के लिए कहा गया है। गौरतलब है कि बड़ी सभाओं के चलते ही प्रकोप बढ़ने के आसार होते हैं।
हांगकांग के स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के लेखकों द्वारा नेचर में गुरुवार को प्रकाशित अध्ययन में कहा गया, हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि सार्स-सीओवी-2 वायरस को फैलाने की पर्याप्त क्षमता वाला है। सार्स-सीओवी-2 व्यक्तिगत संचरण की उच्च स्तर की विविधता को प्रदर्शित करता है।

शोधकर्ताओं ने 23 जनवरी से 28 अप्रैल के बीच 1,038 संक्रमण के मामलों से संपर्क ट्रेसिंग डाटा का विश्लेषण किया, जहां उन्होंने संक्रमण के सभी स्थानीय समूहों की पहचान की। उन्होंने कहा, हमने 51 समूहों (309 मामलों) में 4 से 7 (सुपर-स्प्रेडिंग इवेंट) की पहचान की और अनुमान लगाया कि 19 फीसदी मामलों ने 80 फीसदी समुदाय में वायरस को पहुंचाया।

106 मामलों वाले सबसे बड़े क्लस्टर को चार बार और एक बार में संगीत बजाने वाले बैंड के सदस्यों के जमा होने से जोड़ा गया था। संक्रमण की शुरुआत पहले एक बार में हुई, जहां दो ग्राहक और दो बार कर्मचारी बीमार पड़ गए, जबकि इस स्थान पर संगीत बजाने वाले बैंड का एक सदस्य भी बीमार पड़ गया।

इससे हमें पता चलता है कि बड़ी सामाजिक सभा बहुत खतरनाक हो सकती है। इस अध्ययन में कहा गया, बार, रेस्तरां, शादी और धार्मिक स्थलों जैसी जगहों पर इकट्ठा होने से वायरस के तेजी से बढ़ने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

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