आशीर्वाद योजना के नाम पर ठगी की हो जांच: भावना पांडे

Share and Enjoy !

Shares

आशीर्वाद योजना के नाम पर ठगी की हो जांच: भावना पांडे
 अशोक लीलैंड में नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को ठगा
एक हजार युवाओं का भविष्य अधर में, मामले का संज्ञान ले सरकार
देहरादून। राज्य आंदोलनकारी भावना पांडे ने कहा कि एक ओर सरकारी नौकरियों में कटौती की जा रही तो दूसरी ओर प्राइवेट कंपनियों में बेरोजगार के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निशंक सरकार के समय रुद्रपुर में अशोक लीलैंड कंपनी के साथ सरकार का आशीर्वाद योजना के तहत करार हुआ था कि यहां पढ़ने और प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों को कंपनी में स्थायी रोजगार दिया जाएगा लेकिन अब कंपनी अपने वादे से मुकर रही है। भावना पांडे ने कहा कि कंपनी के इस अड़ियल रवैये के कारण एक हजार युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
राज्य आंदोलनकारी भावना पांडेे ने कहा कि वर्ष 2010 में मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा उत्तराखंड के युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आशीर्वाद योजना की शुरूआत हुई थी। निशंक ने इसकी शुरुआत अशोक लेलैंड कंपनी से की। करार के तहत कंपनी द्वारा एनटीटीएफ इंस्टिट्यूट में 4 साल का डिप्लोमा लेने वाले छात्रों को कंपनी में स्थायी रोजगार देना था। यहां के छात्रों का कहना है कि कुछ समय तक तो यह योजना जारी रही लेकिन 2019 में स्थायी नौकरी देने से कंपनी मुकर गयी। इससे यहां पढ़ रहे छात्रों का पैसा भी डूब गया और उन्हें रोजगार भी नहीं मिला।
भावना पांडे का कहना है कि यहां प्रशिक्षण ले रहे छात्रों का आरोप है कि कंपनी में उनसे मजदूरों की तरह तीन शिफ्ट में काम कराया गया और आज कंपनी उन्हें स्थाई जॉब देने से मना कर रही है। इस संस्थान में एक हजार स्टूडेंट हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने मौजूदा सरकार और केंद्रीय मंत्री निशंक से अपील की है कि इन छात्रों की समस्याओं पर संज्ञान लें और करार के मुताबिक यहां पढ़ने वाले छात्रों को स्थायी रोजगार दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन छात्रों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं करती है तो आंदोलन किया जाएगा।

Share and Enjoy !

Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *