गढ़वाल के द्वार नाम से प्रसिद्ध कोटद्वार का बदला नाम, अब इस नाम से जाना जायेगा कोटद्वार………
कोटद्वार। काफी लम्बे समय से चली आ रही कोटद्वार का नाम कण्वनगरी रखने की मांग को बुधवार को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब गढ़वाल का द्वार कोटद्वार अब कण्वनगरी कोटद्वार के नाम से जाना जायेगा।
आपको बता दें कि वर्ष 1952 में कोटद्वार को नगर पालिका बनाया गया था। जिसके बाद कोटद्वार का विकास होना शुरू हुआ। कोटद्वार खोह नदी के किनारे बसा है जिस कारण इसे खोह द्वार के नाम से भी जाना जाता है। लगभग 2017 में नगर पालिका का उच्चीकरण कर उसे नगर निगम में तब्दील कर दिया गया था। बता दें कि चक्रवर्ती भरत की जन्म भूमि तथा कण्व ऋषि की तपस्थली कण्वाश्रम ही है। कण्वाश्रम को विश्व पटल पर प्रसिद्ध करने के लिए कई सामाजिक संगठन द्वारा कोटद्वार का नाम बदलकर कण्वनगरी किये जाने की मांग काफी समय से की जा रही थी। जिससे बुधवार को मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दे दी है। अब कोटद्वार को कण्वनगरी कोटद्वार के नाम से जाना जायेगा।











