उत्तराखंड में बाहर से आने वालों की बार्डर पर होगी जांच
डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
अभी दुनिया कोविड 19 के साये से बाहर निकलने का मन बना ही रही थी. ऐसा लग रहा था कि हमें एक लंबे अंतराल के बाद कोरोना वायरस से शायद निजात मिल जाए. दुनिया पटरी पर लौट रही थी. ऐसे में ओमिक्रॉन वेरिएंट को तेजी से बढ़ता देखकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वेरिएंट ऑफ कन्सर्न की श्रेणी में डाल दिया है. मतलब ऐसा वेरिएंट जो चिंता का कारण बन सकता है. अपने दरवाजे दूसरों के लिए खोलना शुरू कर रही दुनिया वापस बैकफुट पर लौट रही है बोत्सवाना और दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने इसे एक खतरनाक वेरिएंट के तौर पर हरी झंडी दिखाई है. वहीं पहले से ही डेल्टा वायरस के प्रकोप से जूझ रहे यूरोप के लिए इस नए वेरिएंट ने तकलीफें और बढ़ा दी हैं. लगातार तीन सालों से महामारी से जूझते हुए अब तक हमें यह बात तो समझ आ गई है कि अपने वंश की वृद्धि वायरस की एक और प्रकृति है. लेकिन ओमिक्रॉन ने एक अलग सा डर पैदा कर दिया है. कोरोना के मामले एक बार फिर बढ़ने लगे हैं। जिससे सरकार, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। नये वैरियंट के सामने आने के बाद दून में एहतियाती कदम उठाए गये हैं। जहां दून अस्पताल में प्रबंधन अलर्ट हो गया है। प्राचार्य के निर्देश पर कोरोना मरीजों के इलाज के लिए व्यवस्था दुरुस्त कर ली गई है। वहीं दून मेडिकल कॉलेज में जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच शुरू हो गई है। पहले तक दिल्ली जांच के लिए सैंपल भेजे जा रहे थे। प्राचार्य ने बताया कि इससे कोरोना के नए वेरियंट की पहचान करने में आसानी होगी। कॉलेज में पूरी लैब स्थापित की गई है। जिसमें वेरियंट की पहचान को जीनोम सिक्वेंसिंग जांच की जा रही है। सभी केंद्रों से कहा गया है कि वह जांच को सैंपल भेजे। नए वैरिएंट के दृष्टिगत प्रदेश वासियों से अपील की है कि कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पूरा पालन करें। कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्य में पूरा जन सहयोग मिला है। राज्य सरकार द्वारा कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी तैयारियां की गई है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि जिन लोगों का अभी दूसरा टीका नहीं लगा है, समय होते ही टीकाकरण करा लें। मास्क का उपयोग जरूर करें एवं एक दूसरे से उचित दूरी बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव, डीजीपी एवं सचिव स्वास्थ्य को कोरोना के नए वैरिएंट की दृष्टिगत कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर का पालन सुनिश्चित कराने एवं सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाय कि कोविड पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अस्पतालों में सभी व्यवस्थाएं हो।
आसन्न चुनावी राज्य होने के कारण आने वाले कुछ दिनों में प्रदेश में होने वाले भीड़-भाड़ वाले राजनैतिक कार्यक्रमों में खासा इजाफा होने वाला है। इससे पहले कोरोना की दूसरी लहर में फजीहत झेल चुकी राज्य सरकार इस वजह से भी अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। बता दें कि कोरोना का ये नया वेरिएंट 24 नवंबर को साउथ अफ्रीका में मिला था। वहीं हाल के दिनों में बोत्सवाना, बेल्जियम, हॉन्गकॉन्ग और इजराइल सहित कुल पांच देशों में इसकी पहचान की गई है। कोरोना के इस नए वेरिएंट को लेकर भारत सहित दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। ब्रिटेन सहित कई देशों ने साउथ अफ्रीका से आने वाली फ्लाइट्स पर पाबंदियां लगा दी हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक कोरोना का ये नया वेरिएंट इतनी तेजी से फैल सकता है कि एक घण्टे में ही हज़ारों लोगों को संक्रमित कर सकता है। इसके संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए कहा जा रहा है कि यदि यह भारत के सघन आबादी वाले राज्यों में पहुंच गया तो ज्यादा मुश्किल हो सकती है। विश्व भर में इस वेरिएंट को इतनी गंभीरता से लिया जा रहा है कि इसकी शिनाख्त होते ही दुनियां भर के शेयर बाजार बुरी तरह सहम गए हैं। आज डीजीसीए इस मामले पर बैठक करेगा जिसमें नए वेरिएंट वाले देशों से फ्लाइट्स पर बैन या 14 दिन के क्वारंटीन करने पर फैसला है। राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एक्सपर्ट कमेटी ने टेस्टिंग बढ़ाने, कान्टैक्ट ट्रैसिंग व रोकथाम के अन्य उपायों पर जोर दिया है। इसके अलावा बार्डर, बस अड्डे, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट आदि पर भी पुन: सैंपलिंग शुरू करने की बात कही है। कहा कि राज्य में बाहर से आ रहे हर व्यक्ति की जांच अनिवार्य की जाए। वहीं, तमाम आयोजनों में भीड़भाड़ से बचा जाए। राज्य में कोरोना की रोकथाम के लिए गठित एक्सपर्ट कमेटी के अध्यक्ष एवं एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति कहा कि दक्षिण अफ्रीका में मिले कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रोन ने चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में कोविड अनुरूप व्यवहार व कुछ प्रतिबंधों को पुन: लागू करना समय की मांग है।
इस समय पूरा ध्यान टेस्टिंग व ट्रैसिंग पर देना होगा। इसके अलावा किसी भी बड़े आयोजन या भीड़भाड़ से बचना चाहिए। आमजन के लिए जरूरी है कि वह मास्क, शारीरिक दूरी, सैनिटाइजेशन आदि का पालन करें। इसके लिए उन्हें खुद जिम्मेदार होना होगा। पुलिस–प्रशासन को भी अब इसे लेकर सख्ती बरतनी होगी। जरा भी लापरवाही कोरोना के फैलाव की आशंका को और बढ़ा सकती है।उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट की आपात स्थिति को देखते हुए बाहर से आने वाले लोगों की सघन जांच की जाए।