Dehradun: तकनीकी खराबी के चलते रोपवे में पर्यटकों के फंसे होने की सूचना पर सक्रिय हुआ रेस्क्यू सिस्टम, NDRF और ITBP ने संभाला मोर्चा
टिहरी, 10 सितंबर। सुरकंडा रोपवे कद्दूखाल में आपदा प्रबंधन तैयारियों को परखने के लिए गुरुवार को मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान रोपवे में तकनीकी कारणों से पर्यटकों के फंसे होने की सूचना दी गई, जिसके बाद विभिन्न रेस्क्यू टीमों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए बचाव अभियान शुरू किया।
मॉक ड्रिल के दौरान रोपवे की रेस्क्यू टीम ने एक पर्यटक को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि दूसरे पर्यटक का NDRF टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया। तीसरे पर्यटक को सुरक्षित निकालने के लिए ITBP और NDRF की टीम ने संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
वहीं, अंतिम पर्यटक मिथुन दास को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू के दौरान घबराहट के कारण उसे सांस लेने में परेशानी हुई। मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थत्यूड़ ले जाया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर तैनात रही और रेस्क्यू किए गए पर्यटकों को आवश्यक प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई। इस अभ्यास का उद्देश्य रोपवे में किसी वास्तविक आपात स्थिति के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, त्वरित रेस्क्यू, चिकित्सा सहायता और राहत व्यवस्था की तैयारियों को परखना था।
मॉक ड्रिल में एसडीएम धनोल्टी अंशुल भट्ट, जिला पर्यटन अधिकारी एस.एस. राणा, स्वास्थ्य विभाग की डॉ. दिविता, तहसीलदार मोहम्मद शादाब सहित बीडीओ जौनपुर, एआरटीओ टिहरी, होमगार्ड, राजस्व विभाग के कार्मिक और पीडब्ल्यूडी थत्यूड़ की टीम ने अपने-अपने स्तर पर रेस्क्यू एवं राहत कार्यों में भाग लिया।
मॉक ड्रिल के सफल आयोजन से रोपवे में आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों और विभागीय समन्वय का परीक्षण किया गया।
सुरकंडा रोपवे में मॉक ड्रिल, पर्यटकों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला












