मैक्स साकेत में रिलैप्स्ड आक्रामक ब्लड कैंसर का सफल इलाज
देहरादून, 20 अगस्त 2026। मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने 65 वर्षीय मरीज का एडवांस्ड CAR-T सेल थेरेपी के माध्यम से सफल इलाज किया है। मरीज रिलैप्स्ड डिफ्यूज लार्ज बी-सेल लिम्फोमा (DLBCL) से पीड़ित थे, जो ब्लड कैंसर का एक आक्रामक प्रकार माना जाता है।
देहरादून निवासी श्री शरद चंद्र झाल्डियाल को वर्ष 2020 में DLBCL का पता चला था। उन्होंने मुंबई में R-CHOP कीमोथेरेपी के छह साइकल पूरे किए, लेकिन उपचार के बाद उनकी बीमारी दोबारा लौट आई। इसके बाद उन्हें CAR-T सेल थेरेपी के लिए मूल्यांकन किया गया और उन्नत उपचार के लिए मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत में भर्ती कराया गया।
CAR-T सेल थेरेपी से पहले मरीज को आवश्यक प्रिपरेटरी कीमोथेरेपी दी गई। इस आधुनिक उपचार में मरीज की अपनी इम्यून कोशिकाओं को प्रयोगशाला में विशेष रूप से संशोधित किया जाता है, ताकि वे कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर उन्हें निशाना बना सकें।
मरीज का उपचार हीमैटो-ऑन्कोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन और सेलुलर थेरेपी विशेषज्ञों की मल्टीडिसिप्लिनरी टीम की निगरानी में किया गया। करीब एक महीने अस्पताल में रहने के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई। अस्पताल के अनुसार फिलहाल मरीज अच्छा महसूस कर रहे हैं और उनमें कैंसर के कोई लक्षण नहीं हैं।
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, साकेत के हीमैटोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट विभाग के वाइस चेयरमैन डॉ. रयाज अहमद ने कहा कि जब सामान्य कीमोथेरेपी के बाद DLBCL दोबारा लौट आता है, तो ऐसे मरीजों का उपचार चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने बताया कि चयनित मरीजों में CAR-T सेल थेरेपी एक महत्वपूर्ण उपचार विकल्प के रूप में सामने आई है।
डॉ. अहमद के मुताबिक, CAR-T थेरेपी की सफलता के लिए केवल तकनीक की उपलब्धता ही पर्याप्त नहीं है। मरीज का सही चयन, विशेषज्ञ मेडिकल टीम, विशेष नर्सिंग, लैब मॉनिटरिंग, क्रिटिकल केयर सपोर्ट और संभावित जटिलताओं के प्रबंधन के लिए समन्वित व्यवस्था भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सेलुलर थेरेपी रिलैप्स्ड या रिफ्रैक्टरी ब्लड कैंसर के उपचार में महत्वपूर्ण प्रगति है और ऐसी जटिल चिकित्सा के लिए विशेषीकृत इंफ्रास्ट्रक्चर तथा अनुभवी टीम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहती है।
मैक्स साकेत की यह उपलब्धि ऐसे मरीजों के लिए नई उम्मीद के रूप में देखी जा रही है, जिनमें पारंपरिक उपचार के बाद ब्लड कैंसर दोबारा लौट आता है।










