सहकारिता से स्वास्थ्य, रोजगार, ऊर्जा और शहीद सम्मान तक—कैबिनेट बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसले
देहरादून, 25 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य, ऊर्जा और कर्मचारी हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने जहां उपनल कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया, वहीं राज्य में उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 लागू करने, उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन गठित करने और ऊर्जा सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक बिजली खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की।
उपनल कर्मियों के लिए बड़ा फैसला
कैबिनेट ने उपनल के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ चरणबद्ध तरीके से देने पर सहमति दी है। प्रथम चरण में 1 जनवरी 2016 से पहले नियुक्त कर्मचारियों के मामलों पर कार्रवाई की जा रही है। दूसरे चरण में 1 जनवरी 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियुक्त कर्मियों के मामले पर विचार किया जाएगा, जबकि तीसरे चरण में 13 नवंबर 2018 से 15 अक्टूबर 2024 तक नियुक्त कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया 1 अप्रैल 2027 से शुरू किए जाने का निर्णय लिया गया है।
कृत्रिम ब्रेक के कारण कर्मचारियों को होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 1 जनवरी 2016 से पहले कार्यरत और वर्तमान में सेवाएं दे रहे उपनल कर्मियों को न्यूनतम वेतन और महंगाई भत्ते का लाभ देने का रास्ता साफ किया गया है। अतिरिक्त कर्मचारियों के समायोजन के लिए शासन स्तर पर अलग समिति गठित करने की व्यवस्था भी की जाएगी।
उत्तराखंड को मिली नई सहकारिता नीति
कैबिनेट ने राष्ट्रीय सहकारी नीति-2025 के अनुरूप उत्तराखंड राज्य सहकारिता नीति-2026 प्रख्यापित करने का निर्णय लिया है। इस नीति का उद्देश्य राज्य की सहकारी संस्थाओं को अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, पेशेवर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
नीति के माध्यम से कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में मूल्य श्रृंखला विकास, महिलाओं और युवाओं का सशक्तिकरण, रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन और पलायन से प्रभावित क्षेत्रों के विकास की दिशा में ठोस पहल की जाएगी। इसके लिए सात रणनीतिक मिशन निर्धारित किए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन
प्रदेश में दवाइयों, सर्जिकल सामग्री, उपकरणों और इंप्लांट्स की समयबद्ध एवं पारदर्शी खरीद सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के गठन को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इससे स्वास्थ्य विभाग की खरीद व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की उम्मीद है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की शाखा स्थापित करने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वार की भूमि में से एक एकड़ भूमि 99 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। इससे रोग निगरानी, महामारी और प्रकोप की जांच तथा त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता मजबूत होगी।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए 25 साल की बिजली खरीद को मंजूरी
उत्तराखंड की ऊर्जा जरूरतों और विश्वसनीय बेस-लोड बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने 1320 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की है। प्रस्ताव के तहत न्यूनतम बोलीदाता अडानी पावर लिमिटेड से ₹5.746 प्रति यूनिट के कुल टैरिफ पर 25 वर्षों के लिए बिजली खरीद की जाएगी। इसके लिए उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन को आवश्यक समझौते और नियामकीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिकृत किया गया है।
शहीद सैनिकों की स्मृति में पैतृक गांवों में स्थापित होंगी मूर्तियां
कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड के शहीद सैनिकों के सम्मान में भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। राज्य के शहीद सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य शहीदों के अदम्य साहस और बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना तथा युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करना है।
रिस्पना किनारे की मलिन बस्ती के परिवारों को मिलेंगे आवास
देहरादून में रिस्पना नदी के किनारे बसी मलिन बस्ती के चयनित परिवारों को काठबंगला में निर्मित 116 आवासों में से आवास आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय को नदियों के किनारे अवैध और असुरक्षित रूप से बसी बस्तियों के सुव्यवस्थित पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अग्निवीरों के लिए बनेगा समर्पित प्रकोष्ठ
सेवामुक्त होकर लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एक समर्पित प्रकोष्ठ स्थापित किया जाएगा। इसके प्रभावी संचालन के लिए संविदा के आधार पर छह पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है, जिनमें उप निदेशक, सहायक निदेशक, कनिष्ठ सहायक और डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद शामिल हैं।
भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में कदम
कैबिनेट ने उत्तराखंड आबादी सर्वेक्षण और अभिलेख संक्रिया नियमावली-2026 के प्रख्यापन को भी मंजूरी दी है। आधुनिक सर्वेक्षण और जीआईएस तकनीक के माध्यम से आबादी क्षेत्रों के भूमि अभिलेखों को अधिक सटीक और व्यवस्थित बनाया जाएगा। इससे शहरी नियोजन और संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड प्रबंधन में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
अन्य प्रमुख फैसले
कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन मैट्रिक्स में तकनीकी संशोधन, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग की नई सेवा नियमावली, कारागार विभाग में उप कारापाल पदों की पदोन्नति व्यवस्था, लोकायुक्त खोजबीन समिति की नियमावली और उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों के सेवा स्थानांतरण संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी दी।
इसके अलावा यूयूएसडीए के संरचनात्मक ढांचे के पुनर्गठन के तहत 94 अस्थायी पदों के सृजन, कैंसर रोगियों के लिए हॉस्पिस केयर सेंटर स्थापित करने हेतु अंत्योदय फाउंडेशन के पक्ष में गिफ्ट डीड पर स्टांप शुल्क में छूट तथा उत्तरांचल विश्वविद्यालय परिनियम-2026 के प्रख्यापन को भी मंजूरी प्रदान की गई।
कुल मिलाकर धामी कैबिनेट के ये फैसले कर्मचारी हित, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, ऊर्जा सुरक्षा, सहकारिता आंदोलन, शहरी विकास और शहीदों के सम्मान जैसे व्यापक क्षेत्रों को प्रभावित करने वाले हैं। सरकार ने इन निर्णयों के माध्यम से प्रशासनिक सुधारों के साथ-साथ जनहित से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया है।










